जनप्रतिनिधियों एवं मुख्य अधिकारीगणों से निवेदन है कि महाशिवरात्रि पर्व पर पूर्व की भाँति किले का मुख्य गणेश द्वार जनता के दर्शनार्थ खोला जाए।
हिन्दू सनातनियों की ललकार ! महाशिवरात्रि पर्व पर पूर्व की भाँति खुले किले का मुख्य गणेश द्वार जब से देश आजाद हुआ है, झाँसी अंग्रेजों गोरों से मुक्त हुई है तभी से यहाँ शिवरात्रि के दिन झाँसी किले के दोनों द्वार खोले जाते थे जिससे झाँसी नगर की जनता जनता एवं हिन्दू सनातनी प्रेमी कोतवाली की तरफ से मुख्य द्वार से किले में जलाभिषेक करने जाते थे परन्तु कांग्रेस के इमरजेन्सी काल

जब से देश आजाद हुआ है, झाँसी अंग्रेजों गोरों से मुक्त हुई है तभी से यहाँ शिवरात्रि के दिन झाँसी किले के दोनों द्वार खोले जाते थे जिससे झाँसी नगर की जनता जनता एवं हिन्दू सनातनी प्रेमी कोतवाली की तरफ से मुख्य द्वार से किले में जलाभिषेक करने जाते थे परन्तु कांग्रेस के इमरजेन्सी काल के दौरान उसी समय से हिन्दू धर्म प्रेमियों पर यह कुठाराघात किया कि जनता के लिये द्वार खोलना बन्ध कर दिया, यह झाँसी की जनता एवं समस्त हिन्दू जाति के लिये एक कलंक है।
महोदय, देश की सरकार सभी धर्म प्रेमियों के साथ है एवं हमारे प्रदेश की योगी सरकार भी हिन्दू धर्म के सम्मान को देखते हुये हम समस्त सनातनी हिन्दू भाई अपने झाँसी सांसद पं० अनुराग शर्मा जी, झॉसी विधायक पं० रवि शमां जी, विधानपरिषद सदस्य श्रीमती रमा निरंजन जी, महापौर बिहारी लाल आर्य जी से अनुरोध करते हैं कि सरकार एवं ऊपर प्रशासन के समक्ष यह मुद्दा उठाया जाए एवं महाशिवरात्रि पर्व पर पूर्व की भाँति किले का मुख्य गणेश द्वार जनता के दर्शनार्थ खोला जाए। इस द्वार से महारानी लक्ष्मीबाई जनता से सम्वाद करने एवं गणेश मन्दिर एवं मुरली मनोहर मन्दिर आदि दर्शनों के लिये इसी द्वार से नगर के अन्दर प्रवेश करती थीं। यहाँ लक्ष्मीबाईसाहव एवं झॉसी की जनता का यह प्रेम हमेशा जनता के जहन में बना रहे, इसलिए यह द्वार खुलना इतिहास के लिये जरूरी है।
जनप्रतिनिधियों एवं मुख्य अधिकारीगणों से निवेदन है कि महाशिवरात्रि पर्व पर पूर्व की भाँति किले का मुख्य गणेश द्वार जनता के दर्शनार्थ खोला जाए।


